शिव-पार्वती संवाद कथा (भाग 44)सीता-स्वयंवर—परशुराम-लक्ष्मण-संवाद
परशुराम- लक्ष्मण- संवाद : प्रस्तावना: रामजन्म के अलौकिक कारण 🌟✨ (आप सभी ने इसके पहले के पृष्ठों पर भगवान रामजन्म के 5 कारण पढ़े ,जो शिवजी ने माता पार्वती को सुनाए। इन्हीं कारणों के परिणाम स्वरुप भगवान श्री राम ने अयोध्या में अवतार लिया ।) 📚 पूर्व कथाओं की झलक (पिछले भाग की लिंक) 👉 भाग 13 पढ़ें : राम अवतार का प्रथम कारण (जय-विजय का श्राप) 👉 भाग 14 पढ़ें : राम अवतार का दूसरा कारण (वृंदा का श्राप) 👉 भाग 15 पढ़ें : राम अवतार का तीसरा कारण (नारद अभिमान) 👉 भाग 24 पढ़ें : राम अवतार का चौथा कारण (मनु-शतरूपा तप) 👉 भाग 29 पढ़ें : राम अवतार का पाँचवाँ कारण (प्रतापभानु कथा) प्रभु दोउ चापखंड महि डारे । देखि लोग सब भए सुखारे ॥ कौसिकरूप पयोनिधि पावन । प्रेम बारि अवगाहु सुहावन ॥ ( पिछले पृष्ठ पर आप सभी ने पढ़ा कि भगवान श्री राम ने विश्वामित्र जी की आज्ञा से शंकर जी का धनुष पिनाक को तोड़कर उसके दो टुकड़े करके भूमि पर डाल दिये। ) आगे की कथा— 🌿 मिथिला में आनंद का वातावरण : मिथिला में सभी नर- नारी आपस में बात कर रहे हैं और प्रसन्न हो रहे ...

राम कथा मंदाकिनी 🙏🌹
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Delete🙏🙏 हर हर महादेव 🙏🙏
ReplyDeleteJai shree Ram
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